ये आवाज़ें
धीरे-धीरे उसे अहसास होता गया कि ये आवाज़ें उस वृक्ष के पास से आ रही हैं, जिसके पास वह बैठा हुआ था। उसे भय हुआ और उसने जंगल के रास्ते से भागने की कोशिश की, लेकिन कुछ अजीब ताक़त ने उसको वहां से हिल नहीं पाया।
वह आवाज़ें और नज़रें जंगल के अंदर उसे घेर लेने लगीं। वह यात्री त्रस्त होकर रोने लगा। अचानक, वह आवाज़ें एक बड़ी भयानक चीख से रुक गईं और जंगल की सारी आवाज़ें एक साथ शांत हो गईं।
तभी वह यात्री बिलकुल नज़रीये बदल कर देखता है और उसे दिखाई देता है कि वह वृक्ष एक भूतिया आदमी की शक्ल में बदल चुका है। वह भूत पहले की तरह खूबसूरत था, लेकिन अब उसकी आँखें खूनी थीं और उसके चेहरे पर भयानक मुस्कान दिख रही थी।
भूत की भयानक चीख से डरकर वह यात्री फिर से भागने की कोशिश करता है, लेकिन अचानक वह भूत उसके सामने आ जाता है। वह भूत उसके पास खड़ा होकर कहता है, "तुम मेरी ज़िन्दगी को ख़राब कर दिया है, और अब मैं तुम्हें सज़ा देने के लिए आया हूँ!"
भयभीत होकर वह यात्री चिल्लाता है, और चिल्लाते-चिल्लाते उसकी आँखें खुलती हैं। और वह देखता है कि वह वृक्ष के नीचे बैठा हुआ है, और जो भूत उसे दिखाई दिया था, वह वृक्ष की छाया में ट्रीक होकर घूम रहा था।
वास्तविकता में, वह भयानक भूतिया वृक्ष वहां बिलकुल नहीं था। वह जंगल का भूतिया चरित्र था, जो भयानक आवाज़ें उड़ाते थे ताकि लोग वहां न जाएं। वह यात्री भय से काँपते हुए वहां से भाग गया और उसके बाद से वह जंगल के पास कभी नहीं गया।
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