ये आवाज़ें

 एक बार की बात है, एक छोटे से गांव में एक घने जंगल के आस-पास एक खूबसूरत वातावरण था। लोगों के बीच वह जंगल एक भयानक चरित्र के रूप में मशहूर था। उस जंगल में रहने वाले लोग रात्रि को वहां घूमने से बचते थे क्योंकि सुनसान रास्तों पर वहां अजीब सी आवाजें सुनाई देती थीं और कहानियों में इस जंगल के रूह का जिक्र बहुत हुआ करता था।

एक बार, एक यात्री रात के अंधेरे में वहां से गुजर रहा था। उसने सोचा कि ये सभी कहानियां जूठी हैं और वह इस भयानक जंगल में एक रात ठहरने का निर्णय कर लेता है। वह अपनी यात्रा जारी रखने के लिए अनिवार्यतः उस जंगल के भीतर चला गया।

जब वह जंगल के भीतर पहुंचा, उसे वहां की दस्तर्दी वायु और अंधेरा देख कर भय छूटने लगा। धीरे-धीरे चलते हुए उसे लगता था कि उसके पीछे कोई अजीब सी आवाज आ रही है। उसके हृदय में बड़ा डर सा छा गया, लेकिन वह अपनी धैर्यवानी नजर बनाए रखता हुआ आगे बढ़ता गया।

जंगल के अंदर घूमते वक्त, उसे एक बड़े वृक्ष के नीचे एक छोटी सी झील दिखाई दी। उसके मन में एक अजीब सी खुशी का एहसास हुआ। वह वहां बैठ गया और झील के पानी का आनंद लेने लगा।

समय बितते जा रहा था और रात के अंधेरे का साया जंगल को ढाक रहा था। तभी वह धीरे-धीरे अनजान आवाज़ें सुनने लगा। उसे लगा जैसे कोई विचित्र संगीत बज रहा है। आवाज़ें बड़ी खूबसूरती से सुनाई दे रही थीं, लेकिन उस यात्री को डर हो रहा था क्योंकि वह अनजान चरित्रों की आवाजों को नहीं समझ पा रहा था।

धीरे-धीरे उसे अहसास होता गया कि ये आवाज़ें उस वृक्ष के पास से आ रही हैं, जिसके पास वह बैठा हुआ था। उसे भय हुआ और उसने जंगल के रास्ते से भागने की कोशिश की, लेकिन कुछ अजीब ताक़त ने उसको वहां से हिल नहीं पाया।

वह आवाज़ें और नज़रें जंगल के अंदर उसे घेर लेने लगीं। वह यात्री त्रस्त होकर रोने लगा। अचानक, वह आवाज़ें एक बड़ी भयानक चीख से रुक गईं और जंगल की सारी आवाज़ें एक साथ शांत हो गईं।

तभी वह यात्री बिलकुल नज़रीये बदल कर देखता है और उसे दिखाई देता है कि वह वृक्ष एक भूतिया आदमी की शक्ल में बदल चुका है। वह भूत पहले की तरह खूबसूरत था, लेकिन अब उसकी आँखें खूनी थीं और उसके चेहरे पर भयानक मुस्कान दिख रही थी।

भूत की भयानक चीख से डरकर वह यात्री फिर से भागने की कोशिश करता है, लेकिन अचानक वह भूत उसके सामने आ जाता है। वह भूत उसके पास खड़ा होकर कहता है, "तुम मेरी ज़िन्दगी को ख़राब कर दिया है, और अब मैं तुम्हें सज़ा देने के लिए आया हूँ!"

भयभीत होकर वह यात्री चिल्लाता है, और चिल्लाते-चिल्लाते उसकी आँखें खुलती हैं। और वह देखता है कि वह वृक्ष के नीचे बैठा हुआ है, और जो भूत उसे दिखाई दिया था, वह वृक्ष की छाया में ट्रीक होकर घूम रहा था।

वास्तविकता में, वह भयानक भूतिया वृक्ष वहां बिलकुल नहीं था। वह जंगल का भूतिया चरित्र था, जो भयानक आवाज़ें उड़ाते थे ताकि लोग वहां न जाएं। वह यात्री भय से काँपते हुए वहां से भाग गया और उसके बाद से वह जंगल के पास कभी नहीं गया।


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