भूतिया शिकारी
भूतिया शिकारी एक गांव के पास जंगलों में एक भूतिया हवेली थी। इस हवेली के आसपास के लोग इसे भयानक और डरावना मानते थे। जिसकी वजह से इस जगह के पास लोगों को वहां जाने की आदत नहीं थी। परंतु एक बहादुर और हरामी शिकारी नामक व्यक्ति था जिसे डर की कोई परवाह नहीं थी। उसके पास अपार शौर्य और साहस की भरमार थी। एक रात, जब चाँदनी रात थी और भूतों के डरावने कहानियों का वातावरण था, शिकारी ने अपने बंदूक और विशेष शिकार विक्रेता के साथ हवेली की तलाशी के लिए निकला। वे दोस्तों की तरह एक-दूसरे पर भरोसा करते थे, इसलिए उन्होंने साथ में दो बंदूकें, तेज दिवारी, और चमकदार टॉर्चेज ले लिए थे। हवेली के आसपास पहुंचकर, उन्होंने वहां कितनी चुपचाप सूर्योदय तक खड़े होकर इंतज़ार करने का निर्णय किया। रात धीरे-धीरे गहराई में खो रही थी और हवेली के चारों ओर एक डरावनी वातावरण घिर रहा था। चाँद की रौशनी में वे धीरे-धीरे हवेली के अंदर घुसे। वहां की चुपचापी वातावरण के बीच वे कुछ अद्भुत और अजीब शवों के सामने खड़े हुए। शिकारी का दिल तेजी से धड़क रहा था, लेकिन उसका आत्मविश्वास था कि वह डरता नहीं। जैसे ही उन्होंने अगले कमरे की दिशा ...