यह एक पुरानी गाँव की कहानी है, जो एक भूतिया मंदिर के आसपास घूमती है।
गाँव के लोगों के बीच यह मान्यता थी कि जब-जब कोई व्यक्ति उस मंदिर के पास जाता है, तो वह अपनी आवाज़ को चुप कर देता है, क्योंकि वहां कुछ अजीब घटनाएँ होती थीं। रात को, वहां से अजीब आवाज़ें आने लगतीं थीं, जो डरावनी थीं। एक दिन, गाँव का एक युवक नामक अर्जुन उस मंदिर के पास जा रहा था। उसे कुछ नहीं पता था कि वह कितनी भूतिया जगह पर जा रहा है। जब वह मंदिर के पास पहुंचा, तो उसने अपनी आवाज़ को चुप कर दिया और मंदिर के अंदर चला गया। मंदिर के अंदर, उसने एक पुरानी मूर्ति को देखा, जो अत्यंत भयंकर दिख रही थी। अर्जुन ने वहां कुछ देर तक प्रार्थना की, फिर उसने मंदिर को छोड़ कर वापस गाँव लौट आया। रात को, अर्जुन अपने घर में सो रहा था, तभी वह आवाज़ें सुनने लगा। वह घबराया और देखा कि वही भयंकर मूर्ति उसके सपनों में आ रही थी। मूर्ति ने उसे दराया और कहा, "तुमने मेरे मंदिर में प्रार्थना क्यों की? अब तुम्हारा जीवन बदल जायेगा।" अर्जुन का दिल डर से भर गया, लेकिन वह विश्वास नहीं कर पा रहा था कि वो क्या कह रही है। अगले दिन, जब अर्जुन गाँव में घूम रहा था, तो उसने सुना कि लोग उसके बारे में अजीब-अजीब बातें कर र...